अपन मिथिला मैथिलि भाषा
अपन मिथिला मैथिलि भाषा माँ जानकी केर जनम भूमि मिथिला . जाही थाम चाकर बनी स्वयं भगवान् शिव संकर उगना रूप धरी आयल छलाह . मुदा ताहि धरती केर आ...
अपन मिथिला मैथिलि भाषा
अपन मिथिला मैथिलि भाषा माँ जानकी केर जनम भूमि मिथिला . जाही थाम चाकर बनी स्वयं भगवान् शिव संकर उगना रूप धरी आयल छलाह . मुदा ताहि धरती केर आ...
मैथिलि भाब
बस अहीँ त छी भोरे उठिते जकर चेहरा पसरि जाइय हमरा आँखिमे । सुरुजक लालीसंगे जकर मुस्कान करैए टहटह हमर ठोर प' ओ दोसर के छै ? बस अ...