काठमाडौ के बात नै पुछु
काठमाडौं के बात नै पुछु ✍👩 गायत्री सिंह कुकुर देखि सावधान! लिखल पैघ घर सबहकऽ बात नहि पुछु हनि सिंह जाकी केश सबहक हेयर स्...
काठमाडौ के बात नै पुछु
काठमाडौं के बात नै पुछु ✍👩 गायत्री सिंह कुकुर देखि सावधान! लिखल पैघ घर सबहकऽ बात नहि पुछु हनि सिंह जाकी केश सबहक हेयर स्...
भक्त श्री राम के
💐 भक्त श्री राम के 💐 ..✍👤'अशोक कुमार सहनी' धोखेवाज के गाम में कुछ पहिचान के छैल , आब बुझली हम की उ रिश्ता नाम के छैल , ...
मानवता खातीर मरैत चली 'हम आ अहाँ ( गजल )
मानवता खातीर मरैत चली 'हम आ अहाँ ✍👤विद्यानन्द वेदर्दी प्रेम पसारि,दु:ख हरैत चली 'हम आ अहाँ' सागर जीनगीक तरैत चली '...
अहाँके अबिते प्रीत केर फूल फुलाएल छै ( गजल )
अहाँके अबिते प्रीत केर फूल फुलाएल छै ✍👤 विन्देश्वर ठाकुर अहाँके चेहरा हमरा गजलमे नुकाएल छै लिखिते ई शेर देखू मोन महमहाएल छै ह...
पुर्णिमाक चान जकाँ अपन मिथिला
अपन मिथिलाक बारे लोक जे-जेना सोचए ... जे किछु कहए .... मुदा हम अपन मातृभूमी जा' जे देखलियै से लिखलहुँ अछि । 💐गजल💐 ✍👤विन्द...
अहाँ जे भिन भेलौं दुख सैह नैं सकलौं
अहाँ जे भिन भेलौं दुख सैह नैं सकलौं ✍👤 विजय कुमार ठाकुर दोख हमरे जे अहाँके कैह नैं सकलौं दौड़ि दुनु गोर अहाँके गैह नैं सकलौं हम स...
जोहबै सासुरमे बाट , पिसि कऽ पिठार हऽम माँ गै
।।।।------माँ गै ।। ✍👤मैथिल प्रशान्त छी करेजाक टुकड़ी, तोहर संसार हऽम माँ गै । ठाँव पीरही अरिपन , पावैन तिहार हऽम माँ गै । ।...
अहींक आँखि केर सागरमे भासल हम छी ।
अहींक आँखि केर सागरमे भासल हम छी ✍👤किसलय कृष्ण कनेक बस नेह केर सजनी पिआसल हम छी । अहींक आँखि केर सागरमे भासल हम छी । लै...
हमर कनिया घोघे तर सँ बुलेट चलबैए (गजल )
हमर कनिया घोघे तर सँ बुलेट चलबैए .✍👤विद्यानन्द वेदर्दी चारो पहर,छाती भित्तर,जिलेट चलबैए हमर कनिया घोघे तर सँ बुलेट चलबैए॥ ज्या ब...
घोघ स चन्ना भहार भेलै (गजल )
घोघ स चन्ना भहार भेलै ..✍👤विजय कुमार ठाकुर घोघ स चन्ना बहार भेलै दिन जे गेलै अनहार भेलै प्रणय वृष्टि में नहा गेलौं ...
निहत्था बनल ,ओ जनता_सीपाही कि ?
निहत्था बनल ,ओ जनता_सीपाही कि ? ✍👤गजेन्द्र गजुर #हुइस_फुइस_बातो_सँ_लडै_ओ, राही कि । ज्ञानक धाह पर ,तपे नै ओ कराही कि ? लु...
वाह रे! केहेन लोभौआ प्रस्ताब छलै ओकर(गजल)
वाह रे! केहेन लोभौआ प्रस्ताब छलै ओकर ✍👤विद्यानन्द वेदर्दी जीनगीक साथ खेलवाक स्वभाब छलै ओकर कोना कहुँ हम यौ मित, नै जवाब छलै ...
कऽतऽ चलि गेलौ कराकऽ यकीन जिनगी में !!
कऽतऽ चलि गेलौ कराकऽ यकीन जिनगी में !! ✍👤राजदेव राज किनको नै होइत अछि कफ़न रंगीन जिनगी में , हमर अप्पन कहै छी किया ज़मीन जिनगी में !! ...
मैथिली भाषामें कथा गोष्ठी सम्पन्न,नेपाल आ भारतके २२ गोटे कथाकारसब कथा बाच्चन केलक,
मैथिली भाषामें कथा गोष्ठी सम्पन्न,नेपाल आ भारतके २२ गोटे कथाकारसब कथा बाच्चन केलक, अशोक कुमार सहनी ,दोहा कातर, अपन मिथिला / चैत २९ गत...