चल आब अपन मिथिला गाम
💐 चल आब अपन मिथिला गाम 💐 .✍👤'अशोक कुमार सहनी' बहुत भोला बहुत भला बहुत सुन्नर छै अहाँ के सहरसे तs हमर गाम निम्मन छै गाम ...
चल आब अपन मिथिला गाम
💐 चल आब अपन मिथिला गाम 💐 .✍👤'अशोक कुमार सहनी' बहुत भोला बहुत भला बहुत सुन्नर छै अहाँ के सहरसे तs हमर गाम निम्मन छै गाम ...
धिया के मान , माने सिया के सम्मान ( धिया )
...............धिया .............. ✍👤मोहन भरद्वाज गामें-गाम, शहर-शहर । सब ठाम लागल पसाही।। अरोस-परोस, घर-घर। सब ठाम लागल अगराही।...
मनुक्ख कनी मनुक्ख सन होइतै
मनुक्ख कनी मनुक्ख सन होइतै ✍👤सृजन शेखर 'अज्ञेय' ई दिन के साँझ कतय छै य राइतक भोर कखन हेतै मनुक्ख कनी मनुक्ख सन होइतै जर...
प्रायश्चित (मैथिलि कबिता)
|| प्रायश्चित || ✍👤विकाश वत्सनाभ विपन्नताक खापड़ि मे फोंका मखानक लाबा ओलैत जे जोगौने छलहुँ रत्ती भरि संस्कारक आँच आइ सेहो मिझा ल...
👩भुसकोलही सs प्रीत 👩
👩भुसकोलही सs प्रीत 👩 .✍👤कुमार विघ्नेश झा भुसकोलही सsप्रित हम केलौ मिठगर लागे ओकर बात निक लागै यै निर्मल काया टिस मारेयै ओकर...
आउ कऽ दी श्रृंगार । (कबिता )
आउ कऽ दी श्रृंगार । ✍👤मनीष झा उठा लितहुँ कोर हम चूमि लितहुँ ठोर हम गरवा मे बांहिक हार आउ कऽ दी श्रृंगार ।। श्वेत पुष्प , केश ...
एक बेर करबह मधुर मिलान (कबिता )
#एक_बेर_करबह_मधुर_मिलान... ✍👤Priyaranjan Jha पहिलुक बेर जे देखलहुँ हुनका नैन सँ नैनक भेल मिलान तखनहि हिया हारि बैसलहुँ हम छण मे ...
मोन होइए काजरक रंग मे रांगल रहितौं
मोन होइए काजरक रंग मे रांगल रहितौं ✍मनीष झा मोन होइए... आँखिक एकटा पिपनी रहितौं अहिंक नयन घर हम बसि जैतहुँ नजैरक पहरेद...
लोक देखैत कि कहत, कनिको नै सोहाइए!!
~~~~~छोट कपडा~~~~~~~ लोक देखैत कि कहत, कनिको नै सोहाइए!! ✍👤दिनेश कुमार राम किए करैछी गुमान एना, नीक नै लोक कहैए! चलु कनि नीक जकाँ...
मैथिली भाषामें कथा गोष्ठी सम्पन्न,नेपाल आ भारतके २२ गोटे कथाकारसब कथा बाच्चन केलक,
मैथिली भाषामें कथा गोष्ठी सम्पन्न,नेपाल आ भारतके २२ गोटे कथाकारसब कथा बाच्चन केलक, अशोक कुमार सहनी ,दोहा कातर, अपन मिथिला / चैत २९ गत...